महाशिवरात्रि पर मंदिर दर्शन के बाद गौमूत्र छिड़कने से विवाद, अब्दुल सत्तार को लेकर गरमाई राजनीति
Maha Shivratri: महाराष्ट्र की राजनीतिक इन दिनों टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को लेकर गर्म है। इसी बीच एक और ऐसी खबर निकलकर सामने आई है, जो और भी सियासी बखेड़ा खड़ा सकता है। दरअसल छत्रपति संभाजीनगर में महाशिवरात्रि पर शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के नेता और पूर्व मुस्लिम मंत्री अब्दुल सत्तार (abdul sattar) के मंदिर पहुंचने के बाद गौमूत्र से शुद्धिकरण किया गया। अब्दुल सत्तार के मंदिर दर्शन के बाद कुछ युवकों ने मंदिर को अशुद्ध बताकर गौमूत्र छिड़का। घटना के बाद सियासी हंगामा मच गया है। घटना 15 फरवरी की है।घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि किसी बड़े विवाद या झड़प की सूचना नहीं है। पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।वहीं दूसरी तरफ अब्दुल सत्तार के मंदिर में जाने का विरोध कर रहे युवकों का कहना है कि अब्दुल सत्तार नाश्ते में मांसाहारी भोजन करते हैं और बिना उसके घर से बाहर नहीं निकलते। उनका दावा है कि महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन ऐसे व्यक्ति का प्रवेश स्वीकार्य नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने मंदिर में गौमूत्र छिड़का है।कौन हैं अब्दुल सत्तार?अब्दुल सत्तार का पूरा नाम अब्दुल सत्तार अब्दुल नबी है। वे छत्रपती संभाजीनगर जिले के सिल्लोड विधानसभा क्षेत्र से 3 बार चुने गए विधायक रह चुके हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1965 को सिल्लोड में हुआ था। उन्होंने यशवंतराव चव्हाण कॉलेज से बी.ए. किया है। उन्होंने सिल्लोड में छोटा साइकिल शॉप से काम शुरू किया था। उनके परिवार की बात करें तो पत्नी नफीसा बेगम, 2 बेटे (एक बेटा समीर अब्दुल सत्तार) और 2 बेटियां है।हिंदुत्व’ और शिवसेना की विचारधारा का समर्थन करते हैउन्होंने अपना राजनीतिक सफर 1984 में ग्राम पंचायत से शुरु किया, 1994 में सिल्लोड के नगराध्यक्ष (मेयर) बने। वे पहले कांग्रेस में हुआ करते थे। 2019 में कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गए। उद्धव ठाकरे सरकार (2019-2022) में राज्यमंत्री रहे। इसके बाद वे 2022 में एकनाथ शिंदे के साथ बगावत में शामिल हुए (शिवसेना शिंदे गुट)। 2023-2024 तक शिंदे-फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक विकास और औकाफ, मार्केटिंग, कृषि आदि विभाग संभाला। फिलहाल वे शिंदे गुट की शिवसेना पार्टी के नेता हैं। हालांकि वे एक मुस्लिम नेता हैं लेकिन ‘हिंदुत्व’ और शिवसेना की विचारधारा का समर्थन करते हैं।
Maha Shivratri: महाराष्ट्र की राजनीतिक इन दिनों टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को लेकर गर्म है। इसी बीच एक और ऐसी खबर निकलकर सामने आई है, जो और भी सियासी बखेड़ा खड़ा सकता है। दरअसल छत्रपति संभाजीनगर में महाशिवरात्रि पर शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के नेता और पूर्व मुस्लिम मंत्री अब्दुल सत्तार (abdul sattar) के मंदिर पहुंचने के बाद गौमूत्र से शुद्धिकरण किया गया। अब्दुल सत्तार के मंदिर दर्शन के बाद कुछ युवकों ने मंदिर को अशुद्ध बताकर गौमूत्र छिड़का। घटना के बाद सियासी हंगामा मच गया है। घटना 15 फरवरी की है।घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि किसी बड़े विवाद या झड़प की सूचना नहीं है। पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।वहीं दूसरी तरफ अब्दुल सत्तार के मंदिर में जाने का विरोध कर रहे युवकों का कहना है कि अब्दुल सत्तार नाश्ते में मांसाहारी भोजन करते हैं और बिना उसके घर से बाहर नहीं निकलते। उनका दावा है कि महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन ऐसे व्यक्ति का प्रवेश स्वीकार्य नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने मंदिर में गौमूत्र छिड़का है।कौन हैं अब्दुल सत्तार?
अब्दुल सत्तार का पूरा नाम अब्दुल सत्तार अब्दुल नबी है। वे छत्रपती संभाजीनगर जिले के सिल्लोड विधानसभा क्षेत्र से 3 बार चुने गए विधायक रह चुके हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1965 को सिल्लोड में हुआ था। उन्होंने यशवंतराव चव्हाण कॉलेज से बी.ए. किया है। उन्होंने सिल्लोड में छोटा साइकिल शॉप से काम शुरू किया था। उनके परिवार की बात करें तो पत्नी नफीसा बेगम, 2 बेटे (एक बेटा समीर अब्दुल सत्तार) और 2 बेटियां है।हिंदुत्व’ और शिवसेना की विचारधारा का समर्थन करते है
उन्होंने अपना राजनीतिक सफर 1984 में ग्राम पंचायत से शुरु किया, 1994 में सिल्लोड के नगराध्यक्ष (मेयर) बने। वे पहले कांग्रेस में हुआ करते थे। 2019 में कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गए। उद्धव ठाकरे सरकार (2019-2022) में राज्यमंत्री रहे। इसके बाद वे 2022 में एकनाथ शिंदे के साथ बगावत में शामिल हुए (शिवसेना शिंदे गुट)। 2023-2024 तक शिंदे-फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक विकास और औकाफ, मार्केटिंग, कृषि आदि विभाग संभाला। फिलहाल वे शिंदे गुट की शिवसेना पार्टी के नेता हैं। हालांकि वे एक मुस्लिम नेता हैं लेकिन ‘हिंदुत्व’ और शिवसेना की विचारधारा का समर्थन करते हैं।
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