एम्स भोपाल की सीनियर डॉक्टर डॉ. रश्मि वर्मा की हालत नाजुक, आत्महत्या के प्रयास से मचा हड़कंप

Dec 13, 2025 - 13:17
 0  37
एम्स भोपाल की सीनियर डॉक्टर डॉ. रश्मि वर्मा की हालत नाजुक, आत्महत्या के प्रयास से मचा हड़कंप

भोपाल | 13 दिसंबर 2025 | इंडियनन्यूज़7 डेस्क

एम्स भोपाल की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा ने किया सुसाइड अटेम्प्ट, हालत नाज़ुक

भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के इमरजेंसी एंड ट्रॉमा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा ने गुरुवार देर रात घर पर इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। परिजनों द्वारा समय रहते उन्हें एम्स भोपाल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल सीपीआर देकर उनकी जान बचाई। फिलहाल वे मेन आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी स्थिति क्रिटिकल बनी हुई है। घटना गुरुवार शाम की बताई जा रही है। डॉ. रश्मि वर्मा अपनी नियमित ड्यूटी पूरी कर घर लौटी थीं। रात करीब साढ़े दस बजे उनके पति डॉ. रतन वर्मा (ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट) ने उन्हें बेहोशी की हालत में पाया। परिजनों के अनुसार घर का माहौल पूरी तरह सामान्य था और किसी तरह के विवाद या तनाव के संकेत नहीं थे। इसके बाद तुरंत उन्हें एम्स भोपाल ले जाया गया। इलाज कर रहे चिकित्सकों के अनुसार डॉ. रश्मि की हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन नसों को कितना नुकसान पहुंचा है, इसका आकलन 72 घंटे बाद ही हो सकेगा। एम्स प्रबंधन का कहना है कि आत्महत्या के प्रयास के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। तो कोई सुसाइड नोट मिला है और ही किसी संदेश की जानकारी सामने आई है। डॉ. रश्मि वर्मा एम्स भोपाल की प्रतिष्ठित और अनुभवी डॉक्टरों में शुमार हैं। उन्होंने एमबीबीएस प्रयागराज के एमएलएन मेडिकल कॉलेज से, एमडी (जनरल मेडिसिन) गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से किया है। इसके अलावा उन्होंने डायबिटीज में सर्टिफिकेट कोर्स भी पूरा किया है।
एम्स भोपाल में तीन साल की सीनियर रेजिडेंसी के अलावा वे एलएन मेडिकल कॉलेज और पीएमएस भोपाल में भी असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी हैं। उन्हें टीचिंग का पांच साल से अधिक का अनुभव है।

गरीब मरीजों के लिए अपनी सैलरी तक खर्च करती थीं

डॉ. रश्मि वर्मा वर्तमान में मेडिकल एजुकेशन और आईसीएमआर रिसर्च से भी जुड़ी हुई हैं। वे बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रोग्राम, नर्सिंग ट्रेनिंग सेशन में फैकल्टी इंचार्ज जैसी प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभा रही हैं।
उनकी रुचि के प्रमुख क्षेत्र डायबिटीज, हाइपरटेंशन, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, पेलिएटिव केयर और इमरजेंसी मेडिसिन रहे हैं। सहकर्मी डॉक्टरों के अनुसार डॉ. रश्मि कई बार गरीब मरीजों के इलाज का खर्च अपनी सैलरी से उठाती थीं और जरूरतमंदों को अन्य संस्थानों से सहायता भी दिलवाती थीं। घटना के बाद से एम्स भोपाल सहित चिकित्सा जगत में चिंता का माहौल है। उन्हें जानने वाले, सहकर्मी और मरीज उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow