2 ट्रिलियन इकोनॉमी का संकल्प, विपक्ष का शोर—मप्र बजट सत्र के पहले दिन गरमाया सदन
मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम ऐसी दहलीज पर खड़े हैं जिसे मोदी सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी। उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बना है। भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का राज्यपाल ने जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक मप्र को 2 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है।राज्यपाल ने 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का भी जिक्र किया। पीएम जनमन के तहत 1 लाख 35 हजार आवास बनाए,उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने का जिक्र, नई शिक्षा नीति के तहत काम हुए। हालांकि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को टोका और कहा कि राज्यपाल नलजल योजना और इंदौर में दूषित जल से हुई मौत का मुद्दा भूल गए। आरोप- राज्यपाल ने नलजल योजना वाला मुद्दा नहीं पढ़ा। विपक्ष के हंगामा के बीच राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण पर कल से चर्चा होगी।
मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम ऐसी दहलीज पर खड़े हैं जिसे मोदी सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी। उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बना है। भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का राज्यपाल ने जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक मप्र को 2 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है।
राज्यपाल ने 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का भी जिक्र किया। पीएम जनमन के तहत 1 लाख 35 हजार आवास बनाए,उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने का जिक्र, नई शिक्षा नीति के तहत काम हुए। हालांकि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को टोका और कहा कि राज्यपाल नलजल योजना और इंदौर में दूषित जल से हुई मौत का मुद्दा भूल गए। आरोप- राज्यपाल ने नलजल योजना वाला मुद्दा नहीं पढ़ा। विपक्ष के हंगामा के बीच राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण पर कल से चर्चा होगी।
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